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गुजरात में गाय और तेंदुए की वर्षों पुरानी तस्वीर भ्रामक दावे के साथ वायरल

गाय और तेंदुए की जिस तस्वीर को सोशल मीडिया में गुजरात का बताया जा रहा है असल में वह असम की वर्षों पुरानी तस्वीर है।

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वडोदरा की वर्षों पुरानी तस्वीरों को असम का बताकर किया जा रहा है शेयर

Claim: 

असम में एक व्यक्ति ने एक गाय खरीदी। रात के दौरान उन्होंने कुत्तों को भौंकते हुए सुना और ऐसा रोजाना होता था। इसलिए उन्होंने सीसीटीवी लगाया। वह यह देखकर आश्चर्यचकित था कि एक तेंदुआ रोज रात को आता था और गाय के पास बैठ जाता था।

जानिए क्या है वायरल दावा:

ट्विटर पर एक गाय और तेंदुए की तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में गाय द्वारा तेंदुए को दुलारते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि असम में एक व्यक्ति ने एक गाय खरीदी। रात के दौरान उन्होंने कुत्तों को भौंकते हुए सुना और ऐसा रोजाना होता था। इसलिए उन्होंने सीसीटीवी लगाया। वह यह देखकर आश्चर्यचकित था कि एक तेंदुआ रोज रात को आता था और गाय के पास बैठ जाता था। इस ट्वीट को अब तक 2600 बार रिट्वीट किया गया है और 7 हजार लोगों ने इसे लाइक भी किया है।  

वायरल पोस्ट के आर्वकाइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है।

Verification:

कुछ टूल्स और कीवर्ड्स की मदद से हमने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही को खंगालना शुरू किया। देखा जा सकता है कि वायरल तस्वीर को विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों पर कई यूज़र्स द्वारा शेयर किया जा रहा है। 

Inspirational Story: Cow 🐮 and a Leopard 🐆

Posted by Ayyaz Gulzar SK on Wednesday, July 8, 2020


कुछ कीवर्ड्स की मदद से गूगल खंगालने पर हमें OnForest.com की 6 अप्रैल, 2014 को प्रकाशित की गई एक मीडिया रिपोर्ट मिली। इसके मुताबिक यह कहानी जून, 2002 में शुरू हुई थी। गुजरात के वडोदरा में एक गांव है अंतोली, यह घटना वहीं की है।  

कुछ कीवर्ड्स की मदद से गूगल खंगालने पर हमें ‘OnForest.com ’ की 6 अप्रैल, 2014 को प्रकाशित की गई एक मीडिया रिपोर्ट मिली।

अधिक खोजने पर हमें 25 अक्टूबर, 2002 को Times of India द्वारा प्रकाशित की गई एक रिपोर्ट मिली। जिसमें गाय और तेंदुए की इन मुलाकातों के बारे में बताया गया है। हालांकि किसी भी रिपोर्ट्स में कहीं भी वायरल पोस्ट के साथ बताई गई भावनात्मक कहानी की पुष्टि नहीं की गई है। इस रिपोर्ट में तेंदुए की उम्र एक साल बताई है और गाय की उम्र तीन साल। 

अधिक खोजने पर हमें 25 अक्टूबर, 2002 को Times of India द्वारा प्रकाशित की गई एक रिपोर्ट मिली। जिसमें गाय और तेंदुए की इन मुलाकातों के बारे में बताया गया है। हालांकि किसी भी रिपोर्ट्स में कहीं भी वायरल पोस्ट के साथ बताई गई भावनात्मक कहानी की पुष्टि नहीं की गई है। इस रिपोर्ट में तेंदुए की उम्र एक साल बताई है और गाय की उम्र तीन साल।

YouTube खंगालने पर हमें एक वीडियो मिली। यह Buykut नामक चैनल पर 26 सितंबर, 2008 को अपलोड की गई थी। वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा गया है ‘यह अद्भुत कवरेज Zee News के रिपोर्टर युनुस सईद द्वारा की गई है।’ 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही तस्वीरों का बारीकी से अध्ययन करने पर हमने पाया कि वायरल तस्वीर असम की नहीं, बल्कि गुजरात के वडोदरा जिले के अंतोली गांव की है। पड़ताल में हमने पाया कि यह घटना साल 2002 की है यानि 18 साल पुरानी।  

Tools Used

  • Google Keywords Search 
  • Media Reports
  • YouTube Search 

Result: Misleading

(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in)

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क्या पिपलेश्वर महादेव मंदिर में सेवक के साथ सोते हैं चीते? कांग्रेस नेता कीर्ति आज़ाद सहित कई यूजर्स ने शेयर किया फेक दावा

राजस्थान के पिपलेश्वर महादेव मंदिर का बताकर एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया में सर्कुलेट हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि मंदिर के सेवक के साथ चीते आकर सो जाते हैं और सेवक को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते।

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यह विडियो पिपलेश्वर महादेव मंदिर मोछाल ( सिरोही ) का है हर रोज ये चीता परिवार मन्दिर के सेवक को अपना समझ कर उनके साथ सो जाते हैं।

ट्वीट का आर्काइव यहाँ देखा जा सकता है।

राजस्थान के पिपलेश्वर महादेव मंदिर का बताकर एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया में सर्कुलेट हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि मंदिर के सेवक के साथ चीते आकर सो जाते हैं और सेवक को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते। यह सब महादेव की कृपा से होने की बात कही जा रही है। इस वीडियो को कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद सहित कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने शेयर किया है।

यूट्यूब पर भी यह वीडियो वायरल है।


सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे ही कई अन्य दावों को यहाँ देखा जा सकता है।

Fact Check/Verification

सोशल मीडिया पर चीते के एक परिवार के साथ एक व्यक्ति के सोने की एक वीडियो क्लिप वायरल है। दावा है कि यह क्लिप राजस्थान के सिरोही मंदिर की है जहां चीते का परिवार मंदिर के सेवक के पास आकर रात को सो जाता है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाता। वीडियो का सच जानने के लिए सबसे पहले invid टूल की मदद से कुछ कीफ्रेम बनाया। एक स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स के साथ कुछ सम्बंधित कीवर्ड के माध्यम से खोजने पर कुछ ऐसा हाथ नहीं लगा जिससे पता चलता कि वायरल वीडियो सिरोही के किसी मंदिर का है।

SS
Reverse image Search

कुछ अन्य कीवर्ड्स की मदद से खोजने पर हमें एक यूट्यूब लिंक प्राप्त हुआ। यह वीडियो साल 2015 में यूट्यूब पर अपलोड किया गया था। यह भारत का वीडियो नहीं बल्कि दक्षिण अफ्रीका का है जहां चीते बहुतायत पाए जाते हैं। इस पूरी वीडियो में वायरल क्लिप को देखा जा सकता है। इस वीडियो को Dolph C Volker ने यूट्यूब पर अपलोड किया है।

चीते के साथ मानव के सोने की खबर को NDTV ने भी साल 2015 में प्रकाशित किया था।

SS
Screenshot NDTV

Conclusion

हमारी पड़ताल में यह साफ़ हो गया कि राजस्थान के सिरोही स्थित मंदिर के सेवक के साथ चीते के सोने की घटना गलत है। असल में यह वीडियो क्लिप करीब 5 साल पुरानी है और दक्षिण अफ्रीका की है।

Result- Misplaced Context

Sources

Youtubehttps://www.youtube.com/watch?v=ZUX0N7p-Wcw

NDTVhttps://www.ndtv.com/offbeat/nothing-to-see-here-just-a-cheetah-cuddling-with-a-human-1219931

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महाराष्ट्र सरकार ने पेंगुइन वाली इमोजी पर नहीं लगाया प्रतिबंध, सोशल मीडिया पर फर्ज़ी दावा वायरल

महाराष्ट्र सरकार ने पेंगुइन वाली इमोजी को बैन कर दिया है। ऐसा दावा तेज़ी से वायरल हो रहा है।

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क्या महाराष्ट्र सरकार ने बैन की पेंगुइन इमोजी?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महाराष्ट्र को लेकर एक दावा वायरल है। दावा किया गया है कि महाराष्ट्र सरकार ने पेंगुइन वाले इमोजी को बैन कर दिया है। दावे के साथ न्यूज़ एजेंसी ANI के ट्वीट का स्क्रीनशॉट बहुत तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस ट्वीट में ब्रेकिंग न्यूज़ देते हुए बताया जा रहा है महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पेंगुइन वाली इमोजी को बैन कर दिया है।

नीचे देखा जा सकता है कि इस ट्वीट को अब तक 4800 लोगों द्वारा रिट्वीट किया गया है और 14 हजार 300 लोगों ने इसे लाइक किया है। 

वायरल दावे के आर्काइव वर्ज़न को यहां देखा जा सकता है। 

देखा जा सकता है कि वायरल दावे को फेसबुक पर अलग-अलग यूज़र्स द्वारा शेयर किया जा रहा है।

देखा जा सकता है कि वायरल दावे को ट्विटर पर अलग-अलग यूज़र्स द्वारा शेयर किया जा रहा है।

Fact Check/ Verification

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे दावे की सत्यता जानने के लिए हमने कुछ कीवर्ड्स का सहारा लिया। पड़ताल के दौरान हमें Zee Hindustan द्वारा प्रकाशित की गई एक मीडिया रिपोर्ट मिली।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे दावे की सत्यता जानने के लिए हमने कुछ कीवर्ड्स का सहारा लिया। पड़ताल के दौरान हमें Zee Hindustan द्वारा प्रकाशित की गई एक मीडिया रिपोर्ट मिली।

लेख के मुताबिक 31 जुलाई, 2020 को अभिनेत्री कंगना रनौत ने सुशांत की मौत के केस को लेकर एक ट्वीट किया था। उस ट्वीट में कंगना ने अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने सुशांत की मौत का जिम्मेदार उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को बताया था। लेकिन उन्होंने ट्वीट में उनका नाम सीधे नहीं लिया था बल्कि ‘बेबी पेंगुइन’ कहा था। कंगना के इस ट्वीट के बाद से लोग सोशल मीडिया पर आदित्य ठाकरे को ‘बेबी पेंगुइन’ कहने लगे हैं।

कुछ अलग-अलग कीवर्ड्स की मदद से गूगल खंगालने पर हमें वायरल दावे से संबंधित कोई मीडिया रिपोर्ट्स नहीं मिली जिससे यह साबित होता हो कि महाराष्ट्र सरकार ने पेंगुइन वाली इमोजी को बैन कर दिया है। 

अब हमने सोशल मीडिया पर ANI के हवाले से वायरल हो रहे ट्वीट को खंगाला। पड़ताल में हमने पाया कि ANI द्वारा किया गया वायरल ट्वीट आधिकारिक हैंडल से नहीं बल्कि ANI के पैरोडी अकाउंट से किया गया है। 

नीचे दोनों तस्वीरों में ANI पैरोडी अकाउंट और न्यूज़ एजेंसी ANI के आधिकारिक हैंडल में फर्क साफ देखा जा सकता है। 

नीचे दोनों तस्वीरों में ANI पैरोडी अकाउंट और न्यूज़ एजेंसी ANI के आधिकारिक हैंडल में फर्क साफ देखा जा सकता है।

पहला अंतर – ANI का आधिकारिक ट्विटर हैंडल ब्लू टिक वैरिफाइड है।

दूसरा अंतर- पैरोडी अकाउंट में लिखा हुआ है कि वह ANI Parody अकाउंट है।

तीसरा अंतर- ANI ने ट्विटर को अगस्त, 2011 में ज्वाइन किया था वहीं पैरोडी अकाउंट मई, 2020 में बना है। 

चौथा अंतर- आधिकारिक हैंडल के 4.6M फौलॉवर्स हैं और पैरोडी अकाउंट के महज़ 712 फौलॉवर्स हैं। 

पांचवा अंतर- जिस ट्विटर हैंडल से वायरल खबर फैलाई गई उसका यूजर नेम @aniparodyy है और ANI आधिकारिक ट्विटर हैंडल का यूजर नेम @ANI है।  

Conclusion

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे दावे का बारीकी से अध्ययन करने पर हमने पाया कि महाराष्ट्र सरकार ने पेंगुइन वाली इमोजी को बैन नहीं किया है। पड़ताल में हमने पाया कि वायरल दावा ANI के फर्ज़ी हैंडल से किया गया है। 

Result: False


Our Sources


Zee Hindustan https://zeenews.india.com/hindi/zee-hindustan/viral-news/kangna-ranaut-attack-on-maharashtra-cm-son-aditya-thakrey-used-word-baby-penguin-on-twitter/722833 

Twitter https://twitter.com/ANI 


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क्या राम मंदिर निर्माण के लिए पीएम मोदी ने दिए 50 करोड़ रूपए? सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फेक पत्र

पीएम मोदी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को हिंदू राष्ट्र में सहयोग करने के लिए बधाई दी है। योगी के नाम लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया में वायरल है।

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क्या पीएम मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए दिए 50 करोड़ रूपए?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से एक लेटर वायरल हो रहा है। दावा किया गया है कि उन्होंने यह पत्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राम मंदिर शिलन्यास के दो दिन बाद लिखा था। वायरल पत्र में पीएम मोदी ने सीएम योगी को हिंदू राष्ट्र में सहयोग करने के लिए बधाई दी है। इसके साथ ही पत्र में लिखा हुआ है कि पीएम मोदी राम मंदिर के जल्द निर्माण के लिए 50 करोड़ रूपए भी भेज रहे हैं। 

नीचे देखा जा सकता है कि वायरल दावे को फेसबुक पर अलग-अलग यूज़र्स द्वारा शेयर किया जा रहा है। 

पत्र में लिखा हुआ है कि पीएम मोदी राम मंदिर के जल्द निर्माण के लिए 50 करोड़ रूपए भी भेज रहे हैं।

Fact Check/verification

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे दावे की सत्यता जानने के लिए हमने गूगल खंगालना शुरू किया। पड़ताल के दौरान हमें वायरल दावे से संबंधित कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे दावे की सत्यता जानने के लिए हमने गूगल खंगालना शुरू किया। पड़ताल के दौरान हमें वायरल दावे से संबंधित कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।

अधिक जानकारी के लिए हमने PMO India का आधिकारिक ट्विटर हैंडल खंगाला। पड़ताल के दौरान हमें वायरल दावे से संबंधित कोई ट्वीट नहीं मिला जिससे यह साबित होता हो कि पीएम ने राम मंदिर के जल्द निर्माण के लिए 50 करोड़ रूपए दिए हैं।

पड़ताल के दौरान हमें वायरल दावे से संबंधित कोई ट्वीट नहीं मिला जिससे यह साबित होता हो कि पीएम ने राम मंदिर के जल्द निर्माण के लिए 50 करोड़ रूपए दिए हैं।

अधिक खोजने पर हमें PIB Fact Check द्वारा किया गया एक ट्वीट मिला। इस ट्वीट में सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के नाम से वायरल हो रहे पत्र को फर्ज़ी बताया गया है। 

नवभारत टाइम्स द्वारा प्रकाशित की गई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर की नींव रखी थी। 

नवभारत टाइम्स द्वारा प्रकाशित की गई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर की नींव रखी थी।

Conclusion

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे दावे का बारीकी से अध्ययन करने पर हमने पाया पीएम मोदी के हवाले से वायरल हो रहा पत्र फर्ज़ी है। पड़ताल में हमने पाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के जल्द निर्माण के लिए 50 करोड़ नहीं दिए हैं। लोगों भ्रमित करने के लिए भ्रामक दावा किया जा रहा है। 

Result: False


Our Sources

Google Keywords Search  https://www.google.com/search?ei=QT8yX833MZT0rQHTjY3ADQ&q=%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE+%E0%A4%A8%E0%A5%87+%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE+%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0+%E0%A4%95%E0%A5%87+%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A6+%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3+%E0%A4%95%E0%A5%87+%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F+50+%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC+%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A4%8F+%E0%A4%AD%E0%A5%80+%E0%A4%AD%E0%A5%87%E0%A4%9C+%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87+%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82&oq=%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE+%E0%A4%A8%E0%A5%87+%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE+%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0+%E0%A4%95%E0%A5%87+%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A6+%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3+%E0%A4%95%E0%A5%87+%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F+50+%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC+%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A4%8F+%E0%A4%AD%E0%A5%80+%E0%A4%AD%E0%A5%87%E0%A4%9C+%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87+%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82&gs_lcp=CgZwc3ktYWIQA1DaqwFY2qsBYKStAWgCcAB4AIABrQGIAesDkgEDMC4zmAEAoAECoAEBqgEHZ3dzLXdpesABAQ&sclient=psy-ab&ved=0ahUKEwiNnOitx5LrAhUUeisKHdNGA9gQ4dUDCAw&uact=5 

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